जानकारी 8 अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्टों पर आधारित · पेज 13 अक्टूबर 2026 को तैयार किया गया
जब देश में किसी बड़े क़ानूनी सवाल का आख़िरी फ़ैसला होना होता है, तो नज़र नई दिल्ली के तिलक मार्ग पर बनी एक इमारत की ओर जाती है। The Supreme Court of India सरकारों के बीच के विवाद सुलझाता है, संविधान में दिए गए अधिकारों की रक्षा करता है और अक्सर तब आगे आता है जब आम नागरिक के पास कोई और रास्ता नहीं बचता। इसका एक आदेश किसी क़ानून की व्याख्या, पुलिस के काम करने के तरीक़े या किसी राज्य सरकार की नीति को बदल सकता है।

इस गाइड में The Supreme Court of India की हाल की गतिविधियाँ एक जगह रखी गई हैं: ताज़ा ख़बरें, आगे देखने लायक़ मामले, कुछ ऐतिहासिक फ़ैसले, जजों की नियुक्तियाँ और ख़बरों पर नज़र रखने के आसान तरीक़े। भाषा सीधी रखी गई है, इसलिए इसे समझने के लिए क़ानून की डिग्री ज़रूरी नहीं। The Supreme Court of India
Key Highlights
- चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया: जस्टिस सूर्यकांत, भारत के 53वें CJI
- 6 अक्टूबर 2026: जस्टिस सुनीता अग्रवाल, देवेंद्र कुमार उपाध्याय और अपरेश कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में शपथ ली
- कॉलेजियम की सिफ़ारिश: 28 सितंबर को हुई, और सरकार ने कुछ ही दिनों में मंज़ूरी दे दी
- महिला जज: जस्टिस अग्रवाल के आने से सुप्रीम कोर्ट में तीन महिला जज हो गई हैं
- सितंबर के बड़े मामले: वोटर लिस्ट का SIR, मणिपुर हिंसा और जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन
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The Supreme Court of India की ताज़ा ख़बरें
1.तीन नए जजों ने ली शपथ
6 अक्टूबर 2026 को तीन नए जज सुप्रीम कोर्ट पहुँचे। तीनों इससे पहले हाई कोर्ट में चीफ़ जस्टिस की भूमिका निभा चुके हैं।
- जस्टिस सुनीता अग्रवाल इलाहाबाद हाई कोर्ट से आती हैं और गुजरात हाई कोर्ट की चीफ़ जस्टिस रह चुकी हैं। वे 29 अप्रैल 2031 को सेवानिवृत्त होंगी।
- जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय भी इलाहाबाद हाई कोर्ट से हैं और दिल्ली व बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस रह चुके हैं। वकीलों ने पर्यावरण, सर्विस और मानवाधिकार मामलों में उनके अनुभव की सराहना की है।
- जस्टिस अपरेश कुमार सिंह मूल रूप से झारखंड हाई कोर्ट से हैं और तेलंगाना हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस के पद से आए हैं। झारखंड हाई कोर्ट से आने वाले वे दूसरे जज हैं। पहले जस्टिस श्री चंद्रशेखर इसी साल नियुक्त हुए थे। The Supreme Court of India
2.सितंबर: साल के सबसे व्यस्त महीनों में से एक
Supreme Court Observer की मासिक समीक्षा के मुताबिक़ सितंबर के 20 कार्यदिवस 2026 के सबसे व्यस्त दिनों में गिने गए। कोर्ट ने इन मामलों में सुनवाई की:
- जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन
- दिल्ली और पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) को चुनौती। दिल्ली SIR को चुनौती देने वाली याचिका पर कोर्ट ने नोटिस जारी किया
- मणिपुर में जारी जातीय हिंसा
इसी दौरान बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन के लंबे कार्यकाल को चुनौती दी गई और राजस्थान हाई कोर्ट से जुड़े मुद्दों पर कॉलेजियम की लंबी चुप्पी पर सवाल उठे। सितंबर के आख़िरी हफ़्ते में कॉलेजियम ने तीन हाई कोर्ट चीफ़ जस्टिस को सुप्रीम कोर्ट भेजने की सिफ़ारिश की। यही नाम 6 अक्टूबर को शपथ तक पहुँचे।
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3. 8 अक्टूबर की सुनवाइयों से कुछ उदाहरण
एक ही दिन की रिपोर्टें बताती हैं कि कोर्ट के सामने कितने अलग-अलग तरह के मामले आते हैं (स्रोत: LiveLaw का 8 अक्टूबर राउंड-अप)।
| मामला | क्या हुआ |
| स्मारक और ASI | लोदी-काल का एक स्मारक गायों के बाड़े और कचरा फेंकने की जगह की तरह इस्तेमाल होता पाया गया। कोर्ट ने आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया की कड़ी आलोचना की। |
| फ़ार्मा मार्केटिंग | कोर्ट ने केंद्र से ऐसी कमिटी बनाने को कहा जो डॉक्टरों को दिए जाने वाले मुफ़्त तोहफ़ों जैसी मार्केटिंग प्रथाओं के लिए नियम सुझाए। |
| झारखंड में DGP की नियुक्ति | कोर्ट ने नियुक्ति के नियम पर सवाल उठाए और एमिकस से दूसरे राज्यों के ऐसे नियमों की वैधता देखने को कहा। |
| चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति | मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर संधू व विवेक जोशी की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका सामने आई। |
| आत्महत्या और उकसावा | कोर्ट ने कहा कि ब्रेकअप के बाद आत्महत्या हो जाए, तो उसे हमेशा आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं माना जा सकता। |
| ज़ब्ती और सबूत | प्रक्रिया की गड़बड़ी से ज़ब्ती अपने-आप अमान्य नहीं होती, लेकिन सबूत के वज़न पर असर पड़ सकता है। |
| गुरुवायूर मंदिर | देवास्वोम बोर्ड को निर्देश मिला कि उदयास्तमन पूजा पिछले साल की तरह एकादशी पर हो। |
| SMA के मरीज़ | कोर्ट स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफ़ी के मरीज़ों की आर्थिक मदद के लिए अलग कोष बनाने पर विचार कर रहा है। |
अहम मुद्दे जिन पर नज़र रखें
1.साइबर अपराध और “डिजिटल अरेस्ट”
इस तरह के स्कैम में धोखेबाज़ वीडियो कॉल पर पुलिस या जाँच अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे ऐंठते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक़ The Supreme Court of India ने इस पर पूरे देश के लिए निर्देश जारी किए हैं।
2.चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
वोटर लिस्ट के SIR और चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति, दोनों मामलों में याचिकाएँ The Supreme Court of India के सामने हैं। इनकी ताज़ा स्थिति जानने के लिए आख़िरी आदेश देखना बेहतर रहेगा।
आगे क्या देखें
- फ़ार्मा मार्केटिंग के नियमों के लिए केंद्र कमिटी बनाता है या नहीं
- दूसरे राज्यों के DGP नियुक्ति नियमों पर एमिकस की राय
- SMA मरीज़ों के लिए अलग कोष पर कोर्ट का अंतिम रुख़
- SIR और चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति से जुड़ी याचिकाओं की अगली सुनवाई
3.ऐतिहासिक फ़ैसले जो हर पाठक को जानने चाहिए
कुछ फ़ैसले दशकों बाद भी भारतीय क़ानून की दिशा तय करते हैं। इन्हें जानने से नए फ़ैसलों का मतलब समझना आसान हो जाता है।
| केस | साल | मुख्य बात |
| केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य | 1973 | बुनियादी ढाँचे का सिद्धांत: संसद संविधान में संशोधन कर सकती है, पर उसकी मूल पहचान नहीं मिटा सकती। |
| मेनका गांधी बनाम भारत संघ | 1978 | व्यक्तिगत स्वतंत्रता को सीमित करने वाला क़ानून निष्पक्ष, न्यायसंगत और तर्कसंगत होना चाहिए। |
| विशाखा बनाम राजस्थान राज्य | 1997 | कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने के लिए दिशानिर्देश, जब इसके लिए अलग क़ानून नहीं था। |
| के.एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ | 2017 | निजता को मौलिक अधिकार माना गया। |
4.जजों की नियुक्ति और कॉलेजियम
सुप्रीम कोर्ट के जज कॉलेजियम व्यवस्था से चुने जाते हैं। इसमें चीफ़ जस्टिस और वरिष्ठ जज नाम सुझाते हैं और सरकार नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करती है।
इस साल इसकी रफ़्तार साफ़ दिखी है। कॉलेजियम ने 27 मई 2026 को सिफ़ारिशें घोषित कीं, जिन पर राष्ट्रपति ने चार The Supreme Court of India चीफ़ जस्टिस और वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया। फिर सितंबर में तीन और नामों की सिफ़ारिश हुई, जो अक्टूबर में शपथ तक पहुँचे। जस्टिस मोहना के बाद जस्टिस अग्रवाल, सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाले कॉलेजियम की ओर से सिफ़ारिश की गई दूसरी महिला जज हैं। The Supreme Court of India
The Supreme Court of India कैसे काम करता है
कोर्ट अलग-अलग तरह के मामले सुनता है:
- मूल क्षेत्राधिकार: केंद्र और राज्यों के बीच या राज्यों के आपसी विवाद
- अपीलीय क्षेत्राधिकार: हाई कोर्ट और ट्रिब्यूनल के फ़ैसलों के ख़िलाफ़ अपील
- रिट क्षेत्राधिकार: मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर सीधी याचिका
- सलाहकार क्षेत्राधिकार: क़ानूनी सवालों पर राष्ट्रपति को राय
ज़्यादातर मामले दो या तीन जजों की बेंच सुनती है। संविधान की व्याख्या जैसे गहरे सवाल पाँच या उससे ज़्यादा जजों की संविधान पीठ के पास जाते हैं, जिनके फ़ैसले पूरे देश के लिए मार्गदर्शक बनते हैं। The Supreme Court of India
सुप्रीम कोर्ट की ख़बरों पर नज़र कैसे रखें
- आदेश, फ़ैसले और कॉज़ लिस्ट के लिए आधिकारिक वेबसाइट sci.gov.in देखें।
- रोज़ के सारांश के लिए LiveLaw जैसे क़ानूनी समाचार पोर्टल के डेली राउंड-अप पढ़ें।
- संदर्भ और विश्लेषण के लिए Supreme Court Observer की मासिक समीक्षाएँ पढ़ें।
- कोई बड़ी ख़बर दिखे तो मूल आदेश खोलकर पढ़ें, क्योंकि हेडलाइन में बारीकियाँ अक्सर छूट जाती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भारत के चीफ़ जस्टिस कौन हैं? जस्टिस सूर्यकांत भारत के मौजूदा चीफ़ जस्टिस हैं और इस पद पर पहुँचने वाले 53वें व्यक्ति हैं।
क्या The Supreme Court of India के फ़ैसले पूरे देश पर लागू होते हैं? हाँ। संविधान के अनुच्छेद 141 के तहत सुप्रीम कोर्ट का घोषित क़ानून देश की सभी अदालतों पर बाध्यकारी है।
संविधान पीठ क्या होती है? यह पाँच या उससे ज़्यादा जजों की बड़ी बेंच है, जो संविधान की व्याख्या से जुड़े अहम सवालों पर फ़ैसला करती है।
The Supreme Court of India के जज कैसे चुने जाते हैं? कॉलेजियम नाम सुझाता है और सरकार नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करती है। The Supreme Court of India
The Supreme Court of India के फ़ैसले ऑनलाइन कहाँ पढ़े जा सकते हैं? आधिकारिक वेबसाइट sci.gov.in पर आदेश, फ़ैसले और रोज़ की कॉज़ लिस्ट मुफ़्त उपलब्ध हैं।
निष्कर्ष
वोटर लिस्ट से लेकर साइबर ठगी और स्मारकों की देखरेख तक, The Supreme Court of India के मामले आम नागरिक के जीवन से जुड़े हैं। नए जजों के आने से बेंच का स्वरूप बदला है और कई बड़े मामले अभी सुनवाई के दौर में हैं। इसलिए आगे की सुनवाइयों पर नज़र रखना और मूल आदेश पढ़ना सबसे भरोसेमंद तरीक़ा है।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और क़ानूनी सलाह नहीं है। किसी भी फ़ैसले के सटीक शब्दों के लिए कृपया मूल आदेश देखें। The Supreme Court of India
FAQs
1. सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया क्या है?
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया भारत की सर्वोच्च अदालत है। यह संविधान की व्याख्या करती है, मौलिक अधिकारों की रक्षा करती है और महत्वपूर्ण कानूनी मामलों पर फैसला सुनाती है।
2. अक्टूबर 2026 में भारत के मुख्य न्यायाधीश कौन हैं?
इस लेख में दी गई जानकारी के अनुसार, जस्टिस सूर्यकांत भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) हैं। ताज़ा जानकारी के लिए सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
3. सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया कहाँ स्थित है?
भारत का सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में तिलक मार्ग पर स्थित है।
4. भारत में सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति कैसे होती है?
सुप्रीम कोर्ट के जजों के नाम कॉलेजियम व्यवस्था के तहत सुझाए जाते हैं। इसके बाद सरकार और राष्ट्रपति की भूमिका वाली औपचारिक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाती है।
Disclaimer
यह लेख Supreme Court of India से जुड़ी सामान्य जानकारी और समाचार अपडेट्स प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी को कानूनी सलाह न माना जाए। किसी भी महत्वपूर्ण मामले की पुष्टि के लिए सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट और मूल न्यायिक आदेश देखें।
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Sudhanshu is the author of XYZ News Live and has over 2 years of experience in digital content writing. His focus is on presenting news and important information in a simple, clear, and accessible language for readers.











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