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Jharkhand Student Protest: छात्रों से फिर बातचीत करेगी सरकार, 2 अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे नेता की बिगड़ी तबीयत 

Jharkhand student protest

 

Jharkhand Student Protest: 16वें दिन भी जारी आंदोलन, सरकार फिर करेगी छात्रों से बातचीत

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा Jharkhand student protest रविवार को भी जारी है। JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पारदर्शिता और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एक और दौर की बातचीत करने का फैसला किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत लगातार बिगड़ने की खबर सामने आई है।

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Jharkhand Student Protest: 16वें दिन भी जारी आंदोलन, सरकार फिर करेगी छात्रों से बातचीत

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा Jharkhand student protest रविवार को भी जारी है। JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पारदर्शिता और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एक और दौर की बातचीत करने का फैसला किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत लगातार बिगड़ने की खबर सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, सरकार और अलग-अलग छात्र संगठनों के बीच शुक्रवार और शनिवार को हुई बातचीत से गतिरोध खत्म नहीं हो सका। इसके बाद रविवार को एक और बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया। सरकार की ओर से गठित पैनल छात्र प्रतिनिधियों के साथ दोपहर करीब 12 बजे चर्चा करने वाला है।

देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी

इस Jharkhand student protest में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल सबसे गंभीर मुद्दों में से एक बन गई है। महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता बढ़ी है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहे आंदोलन के दौरान उनकी तबीयत रविवार तड़के अचानक खराब हुई। डॉक्टरों ने उनका ब्लड ग्लूकोज स्तर 53 दर्ज किया था।

वहीं, ताजा रिपोर्टों में बताया गया है कि उनकी लंबी भूख हड़ताल के कारण स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा है। इससे सरकार पर छात्रों की मांगों का जल्द समाधान निकालने का दबाव भी बढ़ा है। Jharkhand student protest

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छात्रों और सरकार के बीच बातचीत क्यों नहीं बन रही सहमति?

सरकार ने शुक्रवार रात JPSC-JSSC Reforms Manch के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की थी। इसके बाद शनिवार को अलग-अलग छात्र संगठनों के साथ चार दौर की चर्चा हुई। इनमें कांग्रेस समर्थित NSUI, Jharkhand Chhatra Morcha (JCM) और Adivasi Chhatra Sangh (ACS) जैसे संगठन शामिल रहे।

सरकार का कहना है कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई और छात्र प्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई चिंताओं पर विचार किया जा रहा है। सरकार के पैनल ने शनिवार शाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी करीब चार घंटे तक मुलाकात कर छात्र संगठनों की मांगों की जानकारी दी। इसके बाद रविवार को एक और दौर की बातचीत का फैसला लिया गया। Jharkhand student protest

हालांकि, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे JPSC-JSSC Reforms Manch ने सरकार की अलग-अलग छात्र संगठनों के साथ बातचीत पर सवाल उठाए हैं। मंच के नेता रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि इससे आंदोलनरत छात्रों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधि पहले ही सरकार के पैनल के सामने अपनी मांगें रख चुके हैं।

क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?

Jharkhand student protest का मुख्य केंद्र राज्य की सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं का मुद्दा है। छात्र JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं की प्रक्रिया की समीक्षा और भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।

14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा को लेकर भी अभ्यर्थियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। जुलाई में उम्मीदवारों ने प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए स्वतंत्र जांच और परिणाम रद्द करने जैसी मांगें उठाई थीं।

आंदोलनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों पर कार्रवाई, परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और भविष्य की परीक्षाओं के लिए भरोसेमंद व्यवस्था तैयार करने की मांग कर रहे हैं। 14वीं JPSC परीक्षा को लेकर विवाद ने राज्य की भर्ती व्यवस्था पर पहले से मौजूद सवालों को और तेज किया है।

सरकार के सामने बढ़ी चुनौती

Jharkhand student protest अब केवल परीक्षा संबंधी मांगों तक सीमित नहीं रह गया है। लंबे समय से चल रहे आंदोलन और छात्र नेता की बिगड़ती तबीयत ने मामले को गंभीर बना दिया है। सरकार लगातार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है, लेकिन आंदोलनकारी संगठन ठोस आश्वासन की मांग पर कायम हैं।

सरकार की ओर से यह संकेत दिया गया है कि JPSC और JSSC में व्यापक सुधार की मांगों पर चर्चा जारी रहेगी। ऐसे में रविवार की प्रस्तावित बैठक को गतिरोध खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, छात्रों की ओर से अंतिम फैसला ठोस कार्रवाई और लिखित आश्वासन के आधार पर किए जाने की संभावना है। Jharkhand student protest

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निष्कर्ष

फिलहाल Jharkhand student protest का समाधान बातचीत के अगले दौर पर निर्भर करता दिखाई दे रहा है। एक तरफ सरकार छात्रों की शिकायतों पर विचार करने और बातचीत जारी रखने की बात कह रही है, वहीं आंदोलनकारी संगठन अपनी मांगों पर स्पष्ट और ठोस कार्रवाई चाहते हैं। देवेंद्र नाथ महतो की बिगड़ती तबीयत ने इस पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ा दी है। अब नजर इस बात पर है कि रविवार की बैठक में सरकार और छात्रों के बीच कोई ठोस सहमति बनती है या आंदोलन आगे भी जारी रहता है।

Disclaimer

यह लेख सार्वजनिक मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी समय के साथ बदल सकती है। पाठक आधिकारिक स्रोतों से तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें।

 

FAQs

Q1. Jharkhand student protest किस मुद्दे को लेकर हो रहा है?
JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है।

Q2. आंदोलन में देवेंद्र नाथ महतो कौन हैं?
देवेंद्र नाथ महतो आंदोलन से जुड़े छात्र नेता हैं, जो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है।

Q3. सरकार छात्रों से फिर बातचीत क्यों कर रही है?
पहले हुए कई दौर की बातचीत से गतिरोध पूरी तरह खत्म नहीं हुआ, जिसके बाद सरकार ने एक और दौर की चर्चा का फैसला किया है।

Q4. छात्रों की मुख्य मांग क्या है?
छात्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई और JPSC-JSSC की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।

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