PM Modi Breakfast Meeting: ममता बनर्जी के बागी सांसदों से मिले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए सांसदों के बीच शुक्रवार को दिल्ली में मुलाकात की खबर सामने आई है। इस मुलाकात के बाद NCPI सांसद शताब्दी रॉय ने मीडिया से बातचीत में बैठक से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ नाश्ते के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई और आगे किस तरह काम करना है, इस पर भी बातचीत हुई।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के भीतर हुई बड़ी टूट ने राष्ट्रीय राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींचा है। जून में TMC के करीब 20 लोकसभा सांसदों के NCPI में जाने की खबर सामने आई थी। इसके बाद NCPI की संसदीय ताकत अचानक बढ़ गई और पार्टी NDA के साथ जुड़ाव को लेकर भी चर्चा में आ गई।
PM Modi Breakfast Meeting में क्या हुआ?
रिपोर्ट के मुताबिक, PM Modi Breakfast Meeting के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NCPI के नेताओं के साथ विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। बैठक के बाद शताब्दी रॉय ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री ने नेताओं से आगे की दिशा और राष्ट्रहित में मिलकर काम करने को लेकर चर्चा की।
शताब्दी रॉय के अनुसार, बैठक में यह बात भी हुई कि आगे किस तरह काम करना है और किस दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी बागी सांसद बैठक में मौजूद थे।
शताब्दी रॉय ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ नाश्ता किया और चाय भी पी। उनके मुताबिक, बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी मौजूद थे।
PM Modi Breakfast Meeting इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह मुलाकात TMC से अलग हुए सांसदों और केंद्र की सत्ता के बीच बढ़ते राजनीतिक तालमेल के बीच हुई है।
TMC के बागी सांसदों ने क्यों बदला राजनीतिक ठिकाना?
इस पूरी राजनीतिक कहानी की शुरुआत जून 2026 में हुई, जब TMC के करीब 20 लोकसभा सांसदों के एक गुट ने NCPI में शामिल होने का ऐलान किया। इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अलग बैठने की व्यवस्था की मांग भी की थी।
इन सांसदों में शताब्दी रॉय, सुदीप बंद्योपाध्याय, काकोली घोष दस्तीदार, माला रॉय, यूसुफ पठान और सायोनी घोष समेत कई नाम शामिल बताए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समूह ने NCPI में विलय के साथ NDA के साथ सहयोग की बात भी कही थी।PM Modi Breakfast Meeting
इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति के साथ-साथ संसद के समीकरणों को भी प्रभावित किया।
NCPI अचानक क्यों आई चर्चा में?
Nationalist Citizens Party of India यानी NCPI पहले राष्ट्रीय राजनीति में बहुत चर्चित पार्टी नहीं थी। लेकिन TMC के बड़े सांसद समूह के इसके साथ आने के बाद पार्टी की संसदीय ताकत अचानक बढ़ गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 20 TMC सांसदों के NCPI में जाने के बाद यह पार्टी लोकसभा में महत्वपूर्ण स्थिति में आ गई। कुछ रिपोर्टों ने इसे NDA के दूसरे सबसे बड़े सहयोगी के रूप में उभरने की संभावना से भी जोड़ा।
यही वजह है कि PM Modi Breakfast Meeting को केवल एक सामान्य मुलाकात के रूप में नहीं देखा जा रहा। इसके पीछे व्यापक राजनीतिक संदर्भ भी है।
जुलाई में भी NDA बैठक में शामिल हुए थे NCPI सांसद
PM Modi Breakfast Meeting से पहले जुलाई में भी NCPI सांसदों की मौजूदगी चर्चा में रही थी। 28 जुलाई को NDA की संसदीय बैठक में NCPI से जुड़े पूर्व TMC सांसदों की भागीदारी रिपोर्ट की गई थी।
द वीक की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 20 पूर्व TMC सांसद, जो NCPI में शामिल हुए थे, NDA की संसदीय बैठक में पहुंचे थे। इस दौरान काकोली घोष दस्तीदार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ आगे की पंक्ति में मौजूदगी भी चर्चा में रही।PM Modi Breakfast Meeting
इससे पहले भी NCPI सांसदों की NDA के साथ राजनीतिक नजदीकी सामने आती रही है। इसलिए अब PM Modi Breakfast Meeting को इस पूरे घटनाक्रम की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा सकता है।
शताब्दी रॉय ने क्या कहा?
बैठक के बाद शताब्दी रॉय ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात में आगे की रणनीति और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई।PM Modi Breakfast Meeting
उनके बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने यह चर्चा की कि सभी लोग आगे कैसे काम कर सकते हैं और राष्ट्रहित में मिलकर किस तरह योगदान दिया जा सकता है।
शताब्दी रॉय की प्रतिक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह लंबे समय से TMC की प्रमुख सांसदों में रही हैं। NCPI में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका भी बदल गई है।
कौन हैं शताब्दी रॉय?
शताब्दी रॉय बंगाली सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री रह चुकी हैं और लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। वह बीरभूम लोकसभा सीट से सांसद रही हैं।
वह पहली बार 2009 में बीरभूम से लोकसभा सांसद चुनी गई थीं। इसके बाद 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी उन्होंने इस सीट से जीत दर्ज की। TMC ने उन्हें लोकसभा में उपनेता की जिम्मेदारी भी दी थी।PM Modi Breakfast Meeting
लेकिन 2026 में TMC के भीतर राजनीतिक घटनाक्रम के बाद शताब्दी रॉय बागी सांसदों के साथ NCPI में चली गईं। TMC ने बाद में लोकसभा में उपनेता के पद पर सगौता रॉय को नियुक्त किया, क्योंकि शताब्दी रॉय के अलग गुट में जाने से यह पद खाली हुआ था।
ममता बनर्जी के लिए क्या है चुनौती?
TMC के करीब 20 सांसदों का NCPI में जाना पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना गया है। इससे संसद में TMC की ताकत प्रभावित हुई है और पार्टी नेतृत्व के सामने अपने सांसदों को एकजुट रखने की चुनौती बढ़ी है।
दूसरी तरफ, बागी सांसदों का दावा है कि उनका कदम संवैधानिक और संसदीय नियमों के दायरे में है। वहीं TMC की ओर से इस घटनाक्रम का विरोध किया गया था और पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष अपना पक्ष रखा था।
यानी मामला सिर्फ पार्टी बदलने तक सीमित नहीं है। इसमें संसदीय मान्यता, दल-बदल कानून और सदन में अलग समूह की स्थिति जैसे सवाल भी जुड़े हैं।
क्या NCPI NDA का हिस्सा है?
NCPI को लेकर राजनीतिक स्थिति तेजी से बदली है। TMC से अलग हुए सांसदों ने NDA के साथ सहयोग की बात कही थी और जुलाई में NCPI सांसदों की NDA संसदीय बैठक में मौजूदगी भी हुई।PM Modi Breakfast Meeting
हालांकि, NCPI के NDA के साथ संबंधों को लेकर राजनीतिक और कानूनी स्थिति को अलग-अलग स्तर पर समझना जरूरी है। किसी संसदीय समूह का सरकार के साथ सहयोग करना और औपचारिक गठबंधन की स्थिति हमेशा एक ही बात नहीं होती।
इसीलिए PM Modi Breakfast Meeting को राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन इसके आधार पर भविष्य की हर राजनीतिक संभावना को निश्चित मानना जल्दबाजी होगी।
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर पड़ेगा असर?
इस घटनाक्रम का सबसे बड़ा असर पश्चिम बंगाल की राजनीति पर पड़ने की संभावना है। TMC के कई मौजूदा सांसदों के अलग होने से पार्टी के सामने संगठनात्मक और संसदीय दोनों स्तरों पर चुनौती पैदा हुई है।
दूसरी तरफ, NCPI के लिए यह अचानक राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर है। एक ऐसी पार्टी जो पहले सीमित राजनीतिक प्रभाव के लिए जानी जाती थी, वह अब संसद के समीकरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में दिखाई दे रही है।
PM Modi Breakfast Meeting का राजनीतिक संदेश क्या?
PM Modi Breakfast Meeting का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश यह माना जा सकता है कि केंद्र और TMC से अलग हुए सांसदों के बीच संवाद बढ़ रहा है। जुलाई में NDA संसदीय बैठक में NCPI सांसदों की मौजूदगी और अब प्रधानमंत्री के साथ नाश्ते की मुलाकात इस राजनीतिक समीकरण को और चर्चा में ले आई है।
हालांकि, इस मुलाकात से सीधे तौर पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि सभी नेता बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उनका राजनीतिक मंच NCPI है।PM Modi Breakfast Meeting
निष्कर्ष
PM Modi Breakfast Meeting ने पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर TMC के बागी सांसदों और NCPI को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। शताब्दी रॉय के मुताबिक, प्रधानमंत्री के साथ बैठक में आगे की दिशा, राष्ट्रहित और मिलकर काम करने जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई।
यह घटनाक्रम जून में शुरू हुए TMC-NCPI राजनीतिक बदलाव और जुलाई की NDA संसदीय बैठक के बाद की अगली महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा सकता है।
आने वाले दिनों में सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि NCPI और उसके साथ आए पूर्व TMC सांसद संसद में किस तरह की राजनीतिक भूमिका निभाते हैं और पश्चिम बंगाल में इसका असर कितना व्यापक होता है। फिलहाल PM Modi Breakfast Meeting, शताब्दी रॉय का बयान और NCPI की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता इस पूरे घटनाक्रम को सुर्खियों में बनाए हुए है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स, सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी और संबंधित नेताओं के बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। PM Modi Breakfast Meeting, TMC के बागी सांसदों और NCPI से जुड़े घटनाक्रमों में समय के साथ बदलाव संभव है। लेख में दी गई राजनीतिक जानकारी को किसी पार्टी या नेता के पक्ष अथवा विपक्ष में राय के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोतों और ताजा अपडेट की पुष्टि करें।
FAQs-
1. PM Modi Breakfast Meeting में किन नेताओं से मुलाकात हुई?
रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने TMC से अलग होकर NCPI में शामिल हुए बागी सांसदों के साथ नाश्ते पर मुलाकात की।
2. PM Modi Breakfast Meeting में क्या चर्चा हुई?
शताब्दी रॉय के अनुसार, बैठक में आगे किस तरह काम करना है और राष्ट्रहित में मिलकर काम करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
3. शताब्दी रॉय ने PM Modi Breakfast Meeting के बाद क्या कहा?
शताब्दी रॉय ने बताया कि नेताओं ने प्रधानमंत्री के साथ नाश्ता और चाय की। उन्होंने बैठक में हुई बातचीत के बारे में भी मीडिया को जानकारी दी।
4. शताब्दी रॉय किस पार्टी में शामिल हुई हैं?
शताब्दी रॉय TMC से अलग हुए सांसदों के साथ Nationalist Citizens Party of India (NCPI) में शामिल हुई हैं।
5. NCPI क्या है?
NCPI यानी Nationalist Citizens Party of India वह राजनीतिक मंच है, जिसमें TMC से अलग हुए सांसदों के एक समूह के शामिल होने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में इसकी चर्चा बढ़ी है।
6. TMC के कितने सांसद NCPI में शामिल हुए?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, TMC के करीब 20 सांसदों के NCPI में शामिल होने की बात सामने आई थी।
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