CM Pema Khandu Family CBI Probe: सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया 4 Big Updates

Arunachal Pradesh CM Pema Khandu Family CBI Probe: सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिव और गृह सचिव से मांगा जवाब 

नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Pema Khandu के परिवार से कथित रूप से जुड़ी कंपनियों को सरकारी कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। शीर्ष अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव और प्रधान सचिव (गृह) को तलब करते हुए पूछा है कि सीबीआई जांच में पूरा सहयोग क्यों नहीं किया गया। यह मामला सरकारी विकास कार्यों के ठेकों और उनकी प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।

 Pema Khandu
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिव और गृह सचिव से मांगा जवाब

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान राज्य सरकार की ओर से जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों से जवाब मांगा कि अप्रैल 2026 के आदेश के बावजूद जांच एजेंसी को जरूरी जानकारी क्यों नहीं दी गई।

मुख्य बातें:

  • Pema Khandu परिवार से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट मामले में CBI जांच जारी।
  • सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल के मुख्य सचिव और गृह सचिव को तलब किया।
  • CBI ने राज्य सरकार पर जांच में सहयोग न करने का आरोप लगाया।
  • कोर्ट ने 24 अगस्त तक जवाब देने का निर्देश दिया।
  • आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी।

CM Pema Khandu परिवार से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट का मामला?

यह मामला गैर-सरकारी संगठनों सेव मोन रीजन फेडरेशन (Save Mon Region Federation) और वॉलंटरी अरुणाचल सेना (Voluntary Arunachal Sena) की याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि अरुणाचल प्रदेश में कई सरकारी विकास कार्यों के कॉन्ट्रैक्ट ऐसी कंपनियों को दिए गए, जिनका संबंध मुख्यमंत्री Pema Khandu के परिवार के सदस्यों से बताया गया है।

याचिका में सरकारी खरीद प्रक्रिया, टेंडर प्रक्रिया और कॉन्ट्रैक्ट आवंटन में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इन आरोपों की स्वतंत्र जांच की जरूरत को देखते हुए सीबीआई जांच का आदेश दिया था।

CM Pema Khandu: सुप्रीम कोर्ट ने क्यों सौंपी CBI को जांच?

सुप्रीम कोर्ट ने अपने अप्रैल 2026 के आदेश में कहा था कि जब किसी मामले में सरकारी खरीद और उच्च स्तर पर हितों के टकराव जैसे आरोप हों, तो जांच ऐसी एजेंसी से कराई जानी चाहिए जिस पर निष्पक्षता को लेकर सवाल न उठे।

अदालत ने कहा था कि जांच की प्रक्रिया में जनता का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। इसलिए मामले की जांच राज्य सरकार के नियंत्रण वाली एजेंसियों के बजाय स्वतंत्र एजेंसी द्वारा कराई जानी चाहिए।

Pema Khandu
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों सौंपी CBI को जांच

कोर्ट ने सीबीआई को कथित कॉन्ट्रैक्ट आवंटन की जांच करने और स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। जांच का दायरा कई वर्षों के सरकारी कार्यों और वर्क ऑर्डर से संबंधित बताया गया है।

CM Pema Khandu: CBI ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा?

सीबीआई की ओर से अदालत में कहा गया कि जांच के लिए जरूरी दस्तावेज राज्य सरकार से मांगे गए थे, लेकिन सभी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए गए।

सीबीआई की रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि यदि जांच के लिए आवश्यक रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं होंगे तो जांच आगे कैसे बढ़ेगी।

अदालत ने कहा कि राज्य सरकार को पहले दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए था और जांच एजेंसी को पूरा सहयोग मिलना चाहिए था।

CM Pema Khandu: सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को क्यों बुलाया?

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि सीबीआई रिपोर्ट से प्रथम दृष्टया ऐसा दिखाई दे रहा है कि राज्य प्रशासन की ओर से सहयोग की कमी रही है।

इसके बाद कोर्ट ने:

  • अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया।
  • प्रधान सचिव (गृह) से जवाब मांगा।
  • दोनों अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया।
  • पूछा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया गया।

अधिकारियों को 24 अगस्त 2026 तक जवाब दाखिल करने को कहा गया है।

CM Pema Khandu: सुप्रीम कोर्ट के अप्रैल आदेश में क्या निर्देश दिए गए थे?

अप्रैल 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि सीबीआई को जांच में पूरा सहयोग दिया जाए।

इसके तहत राज्य सरकार को संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने थे, जिनमें शामिल थे:

  • टेंडर से जुड़े दस्तावेज
  • प्रशासनिक मंजूरी
  • तकनीकी स्वीकृति
  • वर्क ऑर्डर

  • भुगतान रिकॉर्ड
  • इलेक्ट्रॉनिक डेटा

साथ ही अदालत ने यह भी कहा था कि जांच से जुड़े किसी भी रिकॉर्ड को नष्ट या बदला नहीं जाना चाहिए।

CM Pema Khandu: सरकार और मुख्यमंत्री पक्ष का क्या कहना है?

इस मामले में आरोपों की जांच अभी जारी है। मुख्यमंत्री Pema Khandu या राज्य सरकार की ओर से लगाए गए आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं आया है।

किसी भी जांच में आरोपों की पुष्टि या खंडन सबूतों और जांच प्रक्रिया के आधार पर होता है। सीबीआई जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या कॉन्ट्रैक्ट आवंटन में नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं।

CM Pema Khandu: राजनीतिक असर भी बढ़ा

मुख्यमंत्री Pema Khandu अरुणाचल प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं। ऐसे में उनके परिवार से जुड़े कथित कॉन्ट्रैक्ट मामले ने राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है।

विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल ने न्यायिक प्रक्रिया में भरोसा जताने की बात कही है।

आगे क्या होगा?

अब सबकी नजर 24 अगस्त 2026 की सुनवाई पर होगी, जब अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव और प्रधान सचिव (गृह) सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना जवाब रखेंगे।

इसके बाद अदालत यह तय करेगी कि सीबीआई जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी और राज्य सरकार की भूमिका को लेकर क्या कदम उठाए जाएंगे।

निष्कर्ष

अरुणाचल प्रदेश मुख्यमंत्री Pema Khandu परिवार से जुड़े कथित कॉन्ट्रैक्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती ने जांच प्रक्रिया को एक नया मोड़ दिया है। अदालत का मुख्य फोकस सरकारी रिकॉर्ड की उपलब्धता, जांच में सहयोग और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर है।

फिलहाल मामला जांच के स्तर पर है और अंतिम निष्कर्ष सीबीआई जांच तथा आगे की न्यायिक कार्यवाही के आधार पर सामने आएगा।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न समाचार रिपोर्टों और उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। इसमें उल्लेखित आरोपों की अभी जांच चल रही है और किसी भी व्यक्ति या संस्था को दोषी घोषित नहीं किया गया है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार और घटनाक्रम की जानकारी देना है। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायालय के निर्णय के आधार पर ही तय होगा। 

FAQs: 

Q1. पेमा खांडू परिवार से जुड़ा CBI मामला क्या है?
यह मामला सरकारी कॉन्ट्रैक्ट कथित रूप से पेमा खांडू के परिवार से जुड़ी कंपनियों को दिए जाने के आरोपों से जुड़ा है।

Q2. सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल के अधिकारियों को क्यों तलब किया?
CBI ने जांच में सहयोग और जरूरी रिकॉर्ड नहीं मिलने की बात कही, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जवाब मांगा।

Q3. इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है।

Q4. क्या पेमा खांडू को दोषी घोषित किया गया है?
नहीं, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।

Q5. सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को कब तक जवाब देने को कहा है?
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिव और प्रधान सचिव (गृह) को 24 अगस्त 2026 तक जवाब देने का निर्देश दिया है।

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